Mithilakshara Font

TIRHUTA FONT .. मिथिलाक्षर फॉण्ट

फॉण्ट-1 : प्रचलित सॉफ्टवेयरों में टाइपिंग हेतु

(इसका कुण्डली सॉफ्टवेयर से कोई सम्बन्ध नहीं है |) मिथिलाक्षर को "तिरहुता लिपि" भी कहते हैं | इसका फॉण्ट अक्टूबर, 2002 ईस्वी में बना था जिसमें अतिरिक्त संयुक्ताक्षर के लिए स्थान नहीं बचा तो जनवरी 2003 में दो अलग फॉण्ट संयुक्ताक्षर हेतु बनाये गये | माइक्रोसॉफ्ट वर्ड जैसे सॉफ्टवेयरों में कीबोर्ड द्वारा समस्त चिह्नों की टाइपिंग हो सके इसके लिए यही आसान उपाय था | हाल में उन तीनों फॉण्ट को जोड़कर एक ही फॉण्ट MithilaksharaKBD.ttf में समाहित किया गया जिसका गूगल ड्राइव में इसका डाउनलोड लिंक है :—

MITHILAKSHARA_FONT

फॉण्ट-२ (नीचे) बेहतर है क्योंकि हलन्त द्वारा टाइपिंग करने पर इसमें संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते हैं ।

एक सामान्य फॉण्ट में इतने चिह्न नहीं आ सकते, अतः यूनिकोड एनकोडिंग का प्रयोग करके एक ही फॉण्ट में सारे चिह्नों का समावेश करना पड़ा | किन्तु क्षति यह हुई कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड जैसे सॉफ्टवेयरों में कीबोर्ड द्वारा समस्त चिह्नों की टाइपिंग इस फॉण्ट द्वारा सम्भव नहीं रही क्योंकि कीबोर्ड के बटनों की संख्या बहुत कम होती है, अब सिम्बल इन्सर्ट द्वारा संयुक्ताक्षर लाने पड़ेंगे | परन्तु लाभ यह है कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के लिए शीघ्र ही एक मैक्रो प्रोग्राम तैयार किया जाएगा जिसके द्वारा सारे संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहेंगे, टाइपिस्ट को केवल कीबोर्ड द्वारा टाइप करना पड़ेगा, सिम्बल इन्सर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी | 2004 ईस्वी में देवनागरी फॉण्ट के लिए ऐसा प्रोग्राम बनाकर मैंने वितरित किया गया था (इसी वेबसाइट पर उपलब्ध है), वैसा ही प्रोग्राम इस फॉण्ट के लिए बन जायेगा तो सिम्बल इन्सर्ट के बिना माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शुद्ध टाइपिंग हो सकेगी | फिलहाल इस फॉण्ट द्वारा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शुद्ध टाइपिंग कर सकते हैं किन्तु संयुक्ताक्षरों के लिए सिम्बल इन्सर्ट का प्रयोग करना पड़ेगा | रोमन लिपि को विश्व पर थोपने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट जैसी पाश्चात्य कम्पनियाँ कीबोर्ड को रोमन लिपि (यूनिकोड का लैटिन रेंज) के लिए सुरक्षित करती हैं और भारतीय लिपियों के लिए कीबोर्ड के प्रयोग को जानबूझकर प्रतिबन्धित करती हैं जिस कारण भारतीय लिपियों के किसी भी यूनिकोड फॉण्ट द्वारा इन सॉफ्टवेयरों में सही टाइपिंग नहीं कर सकते क्योंकि यूनिकोड के Lookup को लैटिन रेंज में जानबूझकर प्रतिबन्ध कर दिया जाता है | यही कारण है की भारतीयों को अपने यूनिकोड फॉण्ट द्वारा टाइपिंग हेतु पृथक सॉफ्टवेयर बनाने पड़ते हैं | माइक्रोसॉफ्ट की भारत विरोधी इस नीति की काट में ही मैंने उपरोक्त मैक्रो प्रोग्राम माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के लिए बनाया था | अब वैसा ही प्रोग्राम मिथिलाक्षर के इस फॉण्ट के लिए बनाना है जो है तो यूनिकोड किन्तु कीबोर्ड द्वारा टाइपिंग के उद्देश्य से लैटिन रेंज में बना है |

मन्त्रों में शुद्ध संयुक्ताक्षर लिखने पड़ते हैं | संस्कृत में संयुक्ताक्षर अनिवार्य होता है |

यह यूनिकोड फॉण्ट है किन्तु टाइपिस्ट की सुविधा के लिए लैटिन रेंज मे है |यह अत्यधिक सुन्दर फॉण्ट है, पूरे डिस्प्ले पर zoom करके स्केल से मापकर मैकेनिकल ड्राइंग की पूर्ण शुद्धि के साथ यह फॉण्ट 2002 ईस्वी मे बनाया था — कलात्मक उपयोग के लिए, जैसे कि पुस्तकों के मुखपृष्ठ या बैनर आदि | वर्ड-आर्ट में इसके प्रयोग से बड़े ही सुन्दर शीर्षक बनते हैं |

फॉण्ट-2 तथा मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका (टाइपिंग टूल)

उपरोक्त फॉण्ट से भी बेहतर दूसरा फॉण्ट MithilaUni.ttf है जो मिथिलाक्षर हेतु स्वीकृत यूनिकोड रेंज में बना है और इसमें फॉण्ट के भीतर ही प्रोग्रामिंग की गयी ही ताकि समस्त संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहें , तथा ऊपर और नीचे के सारे चिह्न , जैसे कि रेफ अथवा ऊकार, अक्षर के अनुसार स्वत सही स्थान पर विस्थापित हो जाएँ | इन फॉण्ट में संयुक्ताक्षरों की संख्या भी अधिक है, जो भविष्य में और भी बढ़ेगी, किन्तु संयुक्ताक्षरों की डिजाईनिंग इस तरह की गयी है कि जिनको मूल अक्षरों का ज्ञान ही उनको संयुक्ताक्षर पहचानने में कठिनाई नहीं होगी | पहले से प्रचलित अधिकांश संयुक्ताक्षरों को भी सरल किया गया है ताकि पहचानने में आसानी हो |

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड मिथिलाक्षर हेतु कीबोर्ड को प्रतिबन्धित करता है, अतः मिथिलाक्षर की द्रुत एवं शुद्ध टाइपिंग के लिए "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" मुझे बनाना पड़ा (नोटपैड किस्म का सॉफ्टवेयर जिसमें यूनिकोड टाइपिंग संभव है) | इसे डाउनलोड करने का लिंक इसी पृष्ठ के नीचे "FILE" टैब को क्लिक करने पर खुलेगा, उसे डाउनलोड करने पर कंप्रेस्ड रार फाइल मिलेगा जिसे अन-कॉम्प्रेस करके किसी भी ड्राइव या CD या USB-ड्राइव में रखें और उसी ड्राइव से setup.exe को डबल क्लिक करें, प्रोग्राम इनस्टॉल हो जयेगा | कीबोर्ड पर हलन्त आदि की सहायता से द्रुत टाइपिंग करें और स्वतः शुद्ध वर्तनी बनती जायेगी | कीबोर्ड के रोमन अक्षरों और अंकों वाले सारे बटन देवनागरी टाइपराइटर वाले ही हैं | किन्तु कुछ बटन ऐसे हैं जहाँ देवनागरी कीबोर्ड की नकल करने से पुनरावृति होती, जैसे कि " प + हलन्त + र = प्र" बनता है तो उसके लिए "z" बटन का दुरूपयोग अनावश्यक था, अतः ऐसे बटनों में बचे-खुचे चिह्न डाले गए ताकि मिथिलाक्षर का कोई भी चिह्न न छूटे |

नीचे फाइल बटन को क्लिक करने पर इसका सेटअप फाइल मिलेगा जो rar एक्सटेंशन में कॉम्प्रेस किया हुआ है, उसे अन-कॉम्प्रेस करके किसी भी ड्राइव या CD या USB-ड्राइव से उसके setup.exe को डबल-क्लिक करेंगे तो "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" (नोटपैड किस्म का सॉफ्टवेयर) इनस्टॉल हो जाएगा | डाउनलोड किये फोल्डर में MithilaUni.ttf फॉण्ट भी है जिसे राईट-क्लिक करने पर इनस्टॉल आप्शन मिलेगा, इसे इनस्टॉल करने के बाद ही "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" पर टाइप कर सकेंगे | टाइप की गयी सामग्री को टेक्स्ट फाइल (txt) के रूप में save कर सकते हैं और जिनके कम्प्यूटर में "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" है उनको पढ़ने के लिए भेज सकते हैं |

जिनको मिथिलाक्षर नहीं आती वे भी इस अद्भुत सॉफ्टवेयर का आनन्द उठा सकते हैं जो माइक्रोसॉफ्ट या गूगल इनपुट टूल से भी बेहतर कार्य करता है, जबकि इसमें कोई शब्दकोष नहीं है | अक्षरों के आकार के अनुसार मात्राएँ स्वत: खिसक जाती हैं, और हलन्त लगाकर द्रुत टाइपिंग करते रहने पर सारे शुद्ध संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहते हैं |

मिथिलाक्षर लेखपट्टिका में टाइपिंग हेतु कीबोर्ड सहायता

मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका का कीबोर्ड ले-आउट देवनागरी टाइपराइटर जैसा ही है, किन्तु कुछ बटनों में परिवर्तन अनिवार्य हो गया | जैसे कि दीर्घ ई एवं दीर्ग ऊ के लिए क्रमश: Z तथा z का प्रयोग करना पड़ा | रोमन वर्णमाला के अन्य सभी वर्णों के लिए बिलकुल देवनागरी टाइपराइटर जैसा ले-आउट है | किन्तु अन्य कुछ बटनों में निम्न परिवर्तन किया गया है :-

मिथिलाक्षर में आधा वर्ण नहीं होता है, अतः देवनागरी कीबोअर्द में जहां आधा वर्ण है वहां पूर्ण वर्ण पर हलन्त दिया गया है | देवनागरी कीबोअर्द के कुछ बटनों में आधे वर्ण पर ही लकीर डालकर पूर्ण वर्ण बनाया जाता है जो मिथिलाक्षर में नहीं होता, अतः मिथिलाक्षर में ऐसे हलन्त वाले वर्णों में हलंत हटाने से पूर्ण वर्ण मिल जाएगा, जैसे कि श, ष, आदि |

चार बटन ऐसे हैं जिनमें रोमन कीबोर्ड वाले चिह्न भी टपक पड़ेंगे | इसका कारण है SMP प्लेन में मिथिलाक्षर की मान्यता के कारण माइक्रोसॉफ्ट के प्रोग्रामों में तालमेल का अभाव | इसे लेखपट्टिका में सॉफ्टवेयर कोड द्वारा हटाया गया है, अतः इन अनावश्यक चिह्नों को अनदेखा करके टाइपिंग करते रहेंगे तो वे लुप्त हो जायेंगे, ये बटन हैं
~ > / +

अंकों वाले बटनों के ऊपरी केस के चिह्नों में देवनागरी कीबोर्ड से अंतर है, उनमें ऐसे चिह्न हैं जिनके लिए कीबोर्ड पर बटन आवश्यक था | उनको टाइप करके देख लें |

इसके पश्चात भी कई अनिवार्य चिह्न बच गए जिनके लिए कीबोर्ड में बटन नहीं बचे | इनके लिए विशेष उपाय करने पड़े जो निम्न हैं :-

ऐ = ए + ऐकार ( S बटन)
ओ = अ + ओकार (] बटन)
औ = आ + ऐकार (S बटन)
ल्रि = ल + ऋकार (` बटन)
ल्री = ल + दीर्घ ऋकार (@ बटन)

पंक्चुएशन चिह्नों के लिए विशेष शॉर्टकट बनाने पड़े, निम्न चिह्नों के लिए दोबार हलन्त ("\" बटन) दबाकर रोमन कीबोर्ड का वही बटन दबा दें, जैसे कि मिथिलाक्षर में कौमा चाहते हैं तो दोबार हलन्त ("\" बटन) दबाकर रोमन कीबोर्ड का कौमा बटन (",") दबा दें | इसी तरह निम्न चिह्न मिलेंगे :-
, ; . ? = ( ) / ! + " '

दो बार हलन्त (कीबोर्ड का "\" बटन) दबाकर निम्न बटन दबाने पर प्राप्त अतिरिक्त चिह्न जो याद रखने पड़ेंगे :
"<" गुणा का चिह्न
">" भाग का चिह्न

( लेखपट्ट के अगले वर्शन में इसी विधि से अनेक गणितीय एवं अन्यान्य चिह्न जोड़े जायेंगे |)

किसी भी वेबसाइट पर मिथिलाक्षर में HTML द्वारा टाइपिंग

(किन्तु इसके लिए उस वेबसाइट पर HTML कोड की अनुमति रहनी चाहिए | जिस किसी वेबसाइट पर HTML कोड की अनुमति रहती है उसपर आप मनचाहा कार्य कर सकते हैं | इस अनुच्छेद का सम्पूर्ण टेक्स्ट HTML द्वारा बनाया गया है, मिथिलाक्षर भी और देवनागरी आदि भी :—)

मिथिलाक्षर स्पेल करेक्शन का Ms-Word में मैक्रो बनाने की विधि

किसी भी यूनिकोड फॉण्ट के BMP (बेसिक मल्टी-लिंगुअल प्लेन) में SMP प्लेन की कोडिंग के लिए दो कोड रेंज सुरक्षित रहते हैं, जिनको High Surrogate (HS) तथा Low Surrogate (LS) कहा जाता है, इनमें कोई चिह्न नहीं रहता है |

SMP (सप्लीमेंटरी मल्टी-लिंगुअल प्लेन) में कुल 16 प्लेन होते हैं, हर प्लेन में BMP के बराबर कोड पॉइंट होते हैं - 64 K (६५५३६) प्रति प्लेन | BMP को SMP-0 भी कहा जाता है | BMP के HS तथा LS दोनों में १०२४ कोड पॉइंट (कुल २०४८) होते हैं, प्रत्येक HS कोड पॉइंट के साथ १०२४ LS के संयोग हो सकते हैं, अतः कुल १०४८५७६ कोड पॉइंट के चिह्न बन सकते हैं जो सोलहों SMP प्लेनों के लिए पर्याप्त हैं | BMP मिलाकर कुल 17 प्लेन होते हैं जिनमें कुल १११४,११२ कोड पॉइंट होते हैं, विश्व की सभी आधुनिक एवं प्राचीन लिपियों में अभी तक केवल 137 हज़ार कोड पॉइंट ही भरे जा सकें हैं, गौण एवं कृत्रिम लिपियों पर कार्य शेष है |

इन 17 प्लेनों के अलावा किसी भी यूनिकोड फॉण्ट में अनगिनत non-unicode चिह्न फॉण्ट निर्माता द्वारा जोड़े जा सकते हैं जिनको आमलोग देख भी नहीं सकते | उनका प्रयोग होता है फॉण्ट के भीतर Lookup प्रोग्रामिंग द्वारा संयुक्ताक्षर आदि लाने के लिए | उदाहरणार्थ, मिथिलाक्षर के लिए SMP-1 में केवल 82 कोड पॉइंट स्वीकृत हैं, किन्तु उनको सैकड़ों या हज़ारों संयुक्ताक्षरों तथा अन्य चिह्नों से जोड़ा जा सकता है | Lookup दो किस्म के होते हैं, दो या अधिक चिह्नों को जोड़कर नया चिह्न बनाने या पुराने चिह्न के स्वरुप को बदलने में, और किसी mark चिह्न का स्थान बदलने में | भारतीय भाषाओं में व्यंजनों पर लगने वाले स्वरों के संक्षिप्त संकेतों को mark कहते हैं, रोमन लिपि में भी कई भाषाओं में वर्णों के ऊपर या नीचे विशेष संकेत लगते हैं | हिन्दी में "क" पर एकार चिह्न का जो स्थान होना चाहिए वह "प" पर एकार का नहीं होता, इस तरह स्थान बदलने को lookup द्वारा नियन्त्रित करते हैं | रेफ आदि के लिए स्थान बनाने के लिए ह्रस्व या दीर्घ ईकार की आकृति भी बदलनी पड़ती है |

मिथिलाक्षर के लिए SMP-1 में hex-11480 से कोड पॉइंट आरम्भ होते हैं, hex-11480 है आंजि (अंकुश) के लिए | hex-11480 की कोडिंग का सूत्र है :- HS "hex-d805" + LS "hex-dc80" (ये दोनों कोड पॉइंट BMP के HS तथा LS के हैं), मिथिलाक्षर के सारे मूल चिह्नों के लिए HS सदैव d805 ही रहता है जो dec-55301 के बराबर है (dec का अर्थ है decimal गणन पद्धति जो आम प्रचलन में है, तथा hex का अर्थ है hexa-decimal गणन पद्धति जो दस के बदले सोलह अंकों वाली है, "9" के बाद वाले छ अंकों के लिए A से F तक चिह्नों का प्रयोग होता है, "hex-F" का अर्थ है dec-15, तथा dec-16 को hex-10 लिखते हैं) | मिथिलाक्षर के सारे मूल चिह्नों के LS के अन्तिम दो hex संख्या वही रहते हैं जो SMP में है, अर्थात "अ" का SMP संख्या है hex-11481 तो इसका LS है hex-dc81, अन्तिम दो अंक "81" हैं | विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में HS+LS को लिखने के अलग-अलग तरीके होते हैं, किन्तु मूल सिद्धान्त नहीं बदलता | SMP के पूर्ण और पृथक सॉफ्टवेयर बनाने के लिये visual-C# सबसे अच्छी प्रोग्रामिंग भाषा है, किन्तु Ms-Word के मैक्रो-प्रोग्रामिंग की भाषा Visual Basic है जो सबसे आसान प्रोग्रामिंग भाषा है | Ms-Word में SMP प्लेन के lookup को बाधित किया जाता है, जिसका कोई तुक नहीं है, यह माइक्रोसॉफ्ट की बदमाशी है (माइक्रोसॉफ्ट के ही Notepad में Lookup को बाधित करना माइक्रोसॉफ्ट भूल गया, किन्तु उसमें न तो SMP की टाइपिंग सम्भव है और न ही वर्ड प्रोसेसर के ढेर सारे फीचर हैं)| इस गड़बड़ी के समाधान के लिए Ms-Word के मैक्रो-प्रोग्रामिंग द्वारा lookup के तुल्य प्रोग्राम बनाया जा सकता है | प्रस्तुत लेख में मिथिलाक्षर का उदाहरण दिया जा रहा है किन्तु इस विधि द्वारा किसी भी लिपि के लिए Ms-Office में spell-correction, लिप्यान्तर, आदि जैसे मैक्रो प्रोग्राम बनाए जा सकते हैं | यदि आप visual basic प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जानते हैं तो मैक्रो प्रोग्राम के कोड को अपने पृथक सॉफ्टवेयर में भी प्रयुक्त कर सकते हैं |

Ms-Word या किसी भी अच्छे वर्ड प्रोसेसर में RTF (रिच टेक्स्ट फॉर्मेट) टेक्स्ट बॉक्स का प्रयोग होता है (2010 के बाद से RTF के बदले Ms-Word में XML के एक विशेष वर्शन का प्रयोग होने लगा जिसमें RTF के सारे फीचर तो हैं ही, साथ में XML वाले फीचर भी हैं) जिसमें SMP को जानबूझकर भी बाधित किया जाय तो विशेष विधि द्वारा समस्त 17 प्लेनों में से किसी भी चिह्न को टंकित किया जा सकता है - उसकी hex संख्या रोमन लिपि में टाइप करें और फिर "Alt x" दबा दें (Ms-Word या मेरे UniPad में रोमन लिपि में "1148F" टाइप करें और "Alt x" दबाएँ तो मिथिलाक्षर का "क" आ जाएगा बशर्ते उसका फॉण्ट पहले से चयनित हो)| Ms-Word के सिंबल-इन्सर्ट द्वारा किसी फॉण्ट को खोलकर उसके सारे चिह्नों के hex संख्या ज्ञात किये जा सकते हैं | किन्तु Ms-Word के ही मैक्रो प्रोग्रामिंग में hex के स्थान पर dec संख्या का प्रयोग करना पड़ता है | Casio के fx991ES जैसे किसी अच्छे कैलकुलेटर द्वारा hex को dec में बदलकर मैक्रो प्रोग्रामिंग कर सकते हैं, स्मार्टफ़ोन में इस कार्य के लिए कई App मिल जायेंगे |

मैक्रो प्रोग्रामिंग बहुत आसान है | Ms-Word और Excel जैसे माइक्रोसॉफ्ट के Office की मैक्रो रिकॉर्डिंग के कोड को अपने सॉफ्टवेयर में डालकर प्रोग्रामिंग द्वारा उन समस्त कार्यों को स्वचालित बना सकते हैं जो Ms-Office में सम्भव है, स्पीच प्रोग्रामिंग छोड़कर | 2003 ईस्वी में मैंने अपने Kundalee सॉफ्टवेयर में इसी तरीके से कुण्डली का प्रिंटआउट Ms-Word को स्वचालित तरीके से खोलकर उसमें स्वचालित टाइप करने का प्रोग्राम बनाया था जो wikidot वेबसाइट पर उपलब्ध है |

Ms-Word (या Excel आदि) में मैक्रो बनाने का उदाहरण प्रस्तुत है :-

Macro Recording चालू करें और बिना कुछ रिकॉर्ड किये उसे MithilaCorr नाम से save कर लें, save करते समय शॉर्टकट का आप्शन दिखेगा जिसमें शॉर्टकट Alt M बना लें | रिकॉर्डिंग बन्द करके मैक्रो एडिट खोलकर MithilaCorr को खोलें, उसमें प्रथम एवं अन्तिम पंक्तियों को रहने दें, और शेष समस्त सामग्री को हटाकर निम्न कोड पेस्ट करके save कर लें :-

If Selection.Font.Name = "MithilaUni" Then
With Selection.Find
.Text = ChrW(55301) + ChrW(56449)
.Replacement.Text = ChrW(56301) + ChrW(56450)
.Forward = True
.Wrap = wdFindContinue
.Format = False
.MatchCase = True
.MatchWholeWord = False
.MatchWildcards = False
.MatchSoundsLike = False
.MatchAllWordForms = False
End With
Selection.Find.Execute Replace:=wdReplaceAll '============
' (add mode coding.)
End If

अब MithilaCorr को save कर लें | भविष्य में जब भी MithilaUni फॉण्ट में कोई डॉक्यूमेंट खुला रहेगा तो Alt M दबाने पर यह मैक्रो run करने लगेगा और पूरे डॉक्यूमेंट में जहाँ-जहाँ इस फॉण्ट का "अ" है उसे हटाकर "आ" बना देगा, क्योंकि मिथिलाक्षर में "अ" का चिह्न है dec पद्धति में HS 55301 + LS 56449 (जो hex पद्धति में HS d805 + LS dc81 के तुल्य है) | संयुक्ताक्षर के लिए दो तरीके हैं, यदि उस फॉण्ट में Lookup द्वारा संयुक्ताक्षर की प्रोग्रामिंग पहले से है तो component चिह्नों के अंकों को जोड़ने से संयुक्ताक्षर बन जायेंगे, जैसे कि मिथिलाक्षर में "क" के लिए अंक हैं ChrW(55301) + ChrW(56463), मूर्धन्य "ष" के लिए है ChrW(55301) + ChrW(56493), एवं हलन्त है ChrW(55301) + ChrW(56514), अतः "हलन्त क्ष" के लिए लिखना पड़ेगा "क + हलन्त + ष + हलन्त" :-

ChrW(55301) + ChrW(56463) + ChrW(55301) + ChrW(56514) + ChrW(55301) + ChrW(56493) + ChrW(55301) + ChrW(56514)

किन्तु Ms-Word इस lookup को बाधित कर देगा | इन्टरनेट की HTML प्रोग्रामिंग के लिए भी dec पद्धति का ही उपयोग होता है, उसमें "ChrW" हटाकर केवल संख्या दी जाती है, HTML में HS और LS का प्रयोग नहीं होता, पूरी यूनिकोड संख्या को dec में बदलकर प्रयुक्त करते हैं, जैसे कि hex-11480 = dec-70784) | Ms-Word की बाधा को दूर करने का एक ही उपाय है कि फॉण्ट में संयुक्ताक्षर आदि विशिष्ट संकेतों को नॉन-यूनिकोड रेंज से हटाकर यूनिकोड रेंज में डाला जाय ताकि उसका ChrW फंक्शन कार्य कर सके (और Ms-Word के सिंबल इन्सर्ट में भी दिख सके)| MithilaUni फॉण्ट के नए वर्शन में ऐसा ही किया गया है, उसमें Lookup तो पूर्ववत है ही ताकि मिथिलाक्षर लेखपट्ट सॉफ्टवेयर पूर्ववत कार्य करता रहे , किन्तु विशिष्ट चिह्नों को नॉन-यूनिकोड रेंज से हटाकर यूनिकोड के अन्तिम प्लेन में डाल दिया गया है जो "प्राइवेट यूज़ एरिया" कहलाता है, इस रेंज का प्रयोग किसी सार्वजनिक वास्तविक अथवा कृत्रिम लिपि के लिए नहीं होता है | फॉण्ट का नया वर्शन http://vedicastrology.wikidot.com/mithilakshara-font के नीचे FILES बटन से डाउनलोड कर सकते हैं | मिथिलाक्षर का मूल वर्णमाला यूनिकोड के SMP-1 में है जिसके कोड पॉइंट hex प्रणाली में निम्न वेबसाइट के निचले टेबल में हैं :-
https://en.wikipedia.org/wiki/Tirhuta

इसमें सर्वत्र 114 को हटाकर dc कर देंगे तो सभी वर्णों के LS बन जायेंगे, उसे HS (d805) में जोड़ने पर C# प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हेतु मिथिलाक्षर वर्णमाला के समस्त चिह्नों के कोड बन जायेंगे | इन हेक्स संख्याओं को dec में बदल लेंगे तो इन्टरनेट HTML अथवा Ms-Office मैक्रो प्रोग्रामिंग के लिए संख्या मिल जायेंगे |

अब MithilaUni फॉण्ट के प्राइवेट यूज़ एरिया की कोडिंग बताते हैं | इस फॉण्ट के नए वर्शन को कम्प्यूटर में इनस्टॉल करने के बाद Ms-Word के सिंबल इन्सर्ट में इस फॉण्ट को खोलें, इसका सम्पूर्ण चिह्न भण्डार दिखेगा जो पिछले वर्शन में नहीं दिखता था (नॉन-यूनिकोड रेंज के कारण)| आरम्भ में लैटिन रेंज है जिसमें रोमन लिपि है, प्लेन-1 में मूल वर्णमाला है, और प्लेन-16 में विशिष्ट चिह्न हैं |

उदाहरणार्थ, इस फॉण्ट के प्राइवेट यूज़ एरिया में विशिष्ट चिह्नों की सूची में सबसे पहले है "श्च" जिसकी हेक्स संख्या सिंबल इन्सर्ट बताता है "10FBA9" , और सबसे अन्त में चिह्न है "न्द्र" जिसकी हेक्स संख्या है "10FCEE" | Ms-Word अथवा मेरे UniPad में 10FCEE टाइप करने के बाद Alt x दबा देंगे तो यह चिह्न टपक जाएगा (पिछले वर्शन में नॉन-यूनिकोड रेंज में रहने के कारण ऐसा सम्भव नहीं था)| इस फॉण्ट के प्राइवेट यूज़ एरिया में यूनिकोड संख्या को HS एवं LS के युग्म में बदलने की विधि निम्न है :-

10FBA9 से लेकर 10FBFF तक के सभी चिह्नों के लिए HS सदैव DBFE होगा, उसके बाद सदैव DBFF रहेगा (DBFF के बाद वाली हेक्स संख्या होती है DC00 जो LS का आरम्भ है, DBFF तो HS की अन्तिम संख्या है)| HS के उपरोक्त दोनों संख्यायों के साथ समस्त LS की सूची निम्न है :-

MithilaUni फॉण्ट में प्राइवेट यूज़ एरिया के कोड
LS DC00 DCFF DD00 DDFF DE00 DEFF DF00 DFFF
HS 10F800 10F8FF 10F900 10F9FF 10FA00 0FAFF 10FB00 10FBFF
HS 110FC00 10FCFF 10FD00 10FDFF 10FE00 10FEFF 10FF00 10FFFF

"न्द्र" की हेक्स संख्या है "10FCEE" , जो उपरोक्त टेबल में 10FC00 के बाद और 10FCEE से पहले है | जैसा कि पहले बताया गया है, किसी भी यूनिकोड संख्या के अन्तिम दो अंक LS में अपरिवर्तित रहते हैं | अतः 10FCEE का LS होगा DCEE (उपरोक्त टेबल में यूनिकोड 10FC के बदले LS में है DC)| अतः "न्द्र" का पूरा हेक्स कोड हुआ HS+LS = DBFF + DCEE, जो dec पद्धति में है 56319 + 56558, जिसे Ms-Word के मैक्रो की भाषा में लिखेंगे :-
Chr(56319) + Chr(56558)

न = ChrW(55301) + ChrW(56482)
हलन्त = ChrW(55301) + ChrW(56514)
द = ChrW(55301) + ChrW(56480)
र = ChrW(55301) + ChrW(56489)

अतः उपरोक्त MithilaCorr मैक्रो में यदि "न् द् र" को हटाकर "न्द्र" करने वाला कोड जोड़ना है तो उस मैक्रो में ' (add mode coding.) से पहले एक नयी पंक्ति बनाकर निम्न कोड पेस्ट कर दें :-

With Selection.Find
.Text = ChrW(55301) + ChrW(56482) + ChrW(55301) + ChrW(56514) + ChrW(55301) + ChrW(56480) + ChrW(55301) + ChrW(56514) + ChrW(55301) + ChrW(56489)
.Replacement.Text = ChrW(56319) + ChrW(56558)
.Forward = True
.Wrap = wdFindContinue
.Format = False
.MatchCase = True
.MatchWholeWord = False
.MatchWildcards = False
.MatchSoundsLike = False
.MatchAllWordForms = False
End With
Selection.Find.Execute Replace:=wdReplaceAll '============

अब इस मैक्रो को चलाएंगे तो पूरे डॉक्यूमेंट में जहाँ-जहाँ "न् द् र" है वहाँ-वहाँ उसे हटाकर "न्द्र" टपक जाएगा | इसी पद्धति द्वारा सैकड़ो संयुक्ताक्षरों को इस मैक्रो में जोड़ सकते हैं | तब Ms-Word में शुद्ध मिथिलाक्षर की टाइपिंग सम्भव हो जायेगी, जिसका प्रयोग WordArt बनाने या डॉक्यूमेंट को PDF में बदलने में हो सकता है |

मिथिलाक्षर लेखपट्ट सॉफ्टवेयर में मिथिलाक्षर की टाइपिंग आसान है, उस टेक्स्ट को Ms-Word में पेस्ट करेंगे तो सारे Lookup को तोड़कर माइक्रोसॉफ्ट का Word उसे हलन्त वाला टेक्स्ट बना देगा, उसे मैक्रो द्वारा सुधारना पड़ेगा |

MithilaUni फॉण्ट में पोजिशनिंग वाला lookup उपरोक्त विधि से नहीं बनेगा, उसके लिए Ms-Word में Positioning और Kerning (Ctrl D द्वारा Positioning बदलने पर चिह्न ऊपर या नीचे खिसकेगा, अर्थात y-axis पर, और kerning बदलने पर x-एक्सिस पर चिह्न दाँये या बाँए खिसकेगा) सीखना पड़ेगा जो बहुत आसान है, और फिर उसका मैक्रो रिकॉर्डिंग करके उसके कोड को सीखना पड़ेगा, जिसे अपने मैक्रो में जोड़ सकते हैं | डिस्प्ले बड़ा करके देखना पड़ेगा कि mark वाले चिह्न सही स्थान पर आ रहे हैं या नहीं | विधि आसान है, किन्तु कार्य सम्पन्न करने में समय लगेगा |

अब आप अनुमान लगा सकते हैं कि MithilaUni फॉण्ट का lookup बनाने में कितना परिश्रम लगा होगा, जिसे माइक्रोसॉफ्ट अकारण नष्ट करती है ! माइक्रोसॉफ्ट से भी घटिया एक "कम्पनी" मिथिला में भी है , माइक्रोसॉफ्ट तो बहुत से सही कार्य भी करती है किन्तु मिथिला की "गप्पकड़ कम्पनी" एक भी सार्थक कार्य नहीं करती किन्तु माइक्रोसॉफ्ट की गलतियों को सूद समेत दुहराती है - मेरे समस्त कार्यों को गरियाने के सिवा इन लोगों का दूसरा कोई कार्य नहीं है | दरभंगा आकर मेरे बारे में पूछेंगे तो कहेंगे — "पागल है, कुछ नहीं करता है (अर्थात पैसा नहीं कमाता है)"!

मैक्रो रिकॉर्डिंग द्वारा Ms-Word के समस्त फीचरों को अपने प्रोग्राम में प्रयुक्त करके शक्तिशाली सॉफ्टवेयर बना सकते हैं | अपने सॉफ्टवेयर द्वारा Word (या Excel या Internet Explorer) को गुप्त रूप से खोलकर उसे बैकग्राउंड में अदृश्य रखते हुए उसके सारे फीचर का प्रयोग अपने प्रोग्राम में कर सकते हैं | किन्तु ऐसे सॉफ्टवेयर का लाभ वे ही उठा सकेंगे जिनके कम्प्यूटर में Word इन्सटाल्ड होगा |

उदाहरणार्थ, Excel द्वारा स्टॉक एक्सचेंज के शेयर मूल्य के क्षण-प्रतिक्षण परिवर्तनों को अपने कम्प्यूटर में देखने का प्रोग्राम बना सकते हैं, बशर्ते स्टॉक एक्सचेंज के उस वेबसाइट ने एक्सेल के इस फीचर को जानबूझकर बाधित न किया हो | मौसम, ट्रेन टिकेट, आदि की प्रोग्रामिंग कर सकते हैं | कम्प्यूटर में Arduino या Raspberry Pi३ जोड़ना जानते हैं तो रोबोटिक्स के कार्य कर सकते हैं |

Unless otherwise stated, the content of this page is licensed under Creative Commons Attribution-Noncommercial 2.5 License.