Mithilakshara Font

TIRHUTA FONT .. मिथिलाक्षर फॉण्ट

फॉण्ट-1 : प्रचलित सॉफ्टवेयरों में टाइपिंग हेतु

(इसका कुण्डली सॉफ्टवेयर से कोई सम्बन्ध नहीं है |) मिथिलाक्षर को "तिरहुता लिपि" भी कहते हैं | इसका फॉण्ट अक्टूबर, 2002 ईस्वी में बना था जिसमें अतिरिक्त संयुक्ताक्षर के लिए स्थान नहीं बचा तो जनवरी 2003 में दो अलग फॉण्ट संयुक्ताक्षर हेतु बनाये गये | माइक्रोसॉफ्ट वर्ड जैसे सॉफ्टवेयरों में कीबोर्ड द्वारा समस्त चिह्नों की टाइपिंग हो सके इसके लिए यही आसान उपाय था | हाल में उन तीनों फॉण्ट को जोड़कर एक ही फॉण्ट MithilaksharaKBD.ttf में समाहित किया गया जिसका गूगल ड्राइव में इसका डाउनलोड लिंक है :—

MITHILAKSHARA_FONT

एक सामान्य फॉण्ट में इतने चिह्न नहीं आ सकते, अतः यूनिकोड एनकोडिंग का प्रयोग करके एक ही फॉण्ट में सारे चिह्नों का समावेश करना पड़ा | किन्तु क्षति यह हुई कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड जैसे सॉफ्टवेयरों में कीबोर्ड द्वारा समस्त चिह्नों की टाइपिंग इस फॉण्ट द्वारा सम्भव नहीं रही क्योंकि कीबोर्ड के बटनों की संख्या बहुत कम होती है, अब सिम्बल इन्सर्ट द्वारा संयुक्ताक्षर लाने पड़ेंगे | परन्तु लाभ यह है कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के लिए शीघ्र ही एक मैक्रो प्रोग्राम तैयार किया जाएगा जिसके द्वारा सारे संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहेंगे, टाइपिस्ट को केवल कीबोर्ड द्वारा टाइप करना पड़ेगा, सिम्बल इन्सर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी | 2004 ईस्वी में देवनागरी फॉण्ट के लिए ऐसा प्रोग्राम बनाकर मैंने वितरित किया गया था (इसी वेबसाइट पर उपलब्ध है), वैसा ही प्रोग्राम इस फॉण्ट के लिए बन जायेगा तो सिम्बल इन्सर्ट के बिना माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शुद्ध टाइपिंग हो सकेगी | फिलहाल इस फॉण्ट द्वारा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शुद्ध टाइपिंग कर सकते हैं किन्तु संयुक्ताक्षरों के लिए सिम्बल इन्सर्ट का प्रयोग करना पड़ेगा | रोमन लिपि को विश्व पर थोपने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट जैसी पाश्चात्य कम्पनियाँ कीबोर्ड को रोमन लिपि (यूनिकोड का लैटिन रेंज) के लिए सुरक्षित करती हैं और भारतीय लिपियों के लिए कीबोर्ड के प्रयोग को जानबूझकर प्रतिबन्धित करती हैं जिस कारण भारतीय लिपियों के किसी भी यूनिकोड फॉण्ट द्वारा इन सॉफ्टवेयरों में सही टाइपिंग नहीं कर सकते क्योंकि यूनिकोड के Lookup को लैटिन रेंज में जानबूझकर प्रतिबन्ध कर दिया जाता है | यही कारण है की भारतीयों को अपने यूनिकोड फॉण्ट द्वारा टाइपिंग हेतु पृथक सॉफ्टवेयर बनाने पड़ते हैं | माइक्रोसॉफ्ट की भारत विरोधी इस नीति की काट में ही मैंने उपरोक्त मैक्रो प्रोग्राम माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के लिए बनाया था | अब वैसा ही प्रोग्राम मिथिलाक्षर के इस फॉण्ट के लिए बनाना है जो है तो यूनिकोड किन्तु कीबोर्ड द्वारा टाइपिंग के उद्देश्य से लैटिन रेंज में बना है |

मन्त्रों में शुद्ध संयुक्ताक्षर लिखने पड़ते हैं | संस्कृत में संयुक्ताक्षर अनिवार्य होता है |

यह यूनिकोड फॉण्ट है किन्तु टाइपिस्ट की सुविधा के लिए लैटिन रेंज मे है |यह अत्यधिक सुन्दर फॉण्ट है, पूरे डिस्प्ले पर zoom करके स्केल से मापकर मैकेनिकल ड्राइंग की पूर्ण शुद्धि के साथ यह फॉण्ट 2002 ईस्वी मे बनाया था — कलात्मक उपयोग के लिए, जैसे कि पुस्तकों के मुखपृष्ठ या बैनर आदि | वर्ड-आर्ट में इसके प्रयोग से बड़े ही सुन्दर शीर्षक बनते हैं |

फॉण्ट-2 तथा मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका (टाइपिंग टूल)

उपरोक्त फॉण्ट से भी बेहतर दूसरा फॉण्ट MithilaUni.ttf है जो मिथिलाक्षर हेतु स्वीकृत यूनिकोड रेंज में बना है और इसमें फॉण्ट के भीतर ही प्रोग्रामिंग की गयी ही ताकि समस्त संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहें , तथा ऊपर और नीचे के सारे चिह्न , जैसे कि रेफ अथवा ऊकार, अक्षर के अनुसार स्वत सही स्थान पर विस्थापित हो जाएँ | इन फॉण्ट में संयुक्ताक्षरों की संख्या भी अधिक है, जो भविष्य में और भी बढ़ेगी, किन्तु संयुक्ताक्षरों की डिजाईनिंग इस तरह की गयी है कि जिनको मूल अक्षरों का ज्ञान ही उनको संयुक्ताक्षर पहचानने में कठिनाई नहीं होगी | पहले से प्रचलित अधिकांश संयुक्ताक्षरों को भी सरल किया गया है ताकि पहचानने में आसानी हो |

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड मिथिलाक्षर हेतु कीबोर्ड को प्रतिबन्धित करता है, अतः मिथिलाक्षर की द्रुत एवं शुद्ध टाइपिंग के लिए "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" मुझे बनाना पड़ा (नोटपैड किस्म का सॉफ्टवेयर जिसमें यूनिकोड टाइपिंग संभव है) | इसे डाउनलोड करने का लिंक इसी पृष्ठ के नीचे "FILE" टैब को क्लिक करने पर खुलेगा, उसे डाउनलोड करने पर कंप्रेस्ड रार फाइल मिलेगा जिसे अन-कॉम्प्रेस करके किसी भी ड्राइव या CD या USB-ड्राइव में रखें और उसी ड्राइव से setup.exe को डबल क्लिक करें, प्रोग्राम इनस्टॉल हो जयेगा | कीबोर्ड पर हलन्त आदि की सहायता से द्रुत टाइपिंग करें और स्वतः शुद्ध वर्तनी बनती जायेगी | कीबोर्ड के रोमन अक्षरों और अंकों वाले सारे बटन देवनागरी टाइपराइटर वाले ही हैं | किन्तु कुछ बटन ऐसे हैं जहाँ देवनागरी कीबोर्ड की नकल करने से पुनरावृति होती, जैसे कि " प + हलन्त + र = प्र" बनता है तो उसके लिए "z" बटन का दुरूपयोग अनावश्यक था, अतः ऐसे बटनों में बचे-खुचे चिह्न डाले गए ताकि मिथिलाक्षर का कोई भी चिह्न न छूटे |

नीचे फाइल बटन को क्लिक करने पर इसका सेटअप फाइल मिलेगा जो rar एक्सटेंशन में कॉम्प्रेस किया हुआ है, उसे अन-कॉम्प्रेस करके किसी भी ड्राइव या CD या USB-ड्राइव से उसके setup.exe को डबल-क्लिक करेंगे तो "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" (नोटपैड किस्म का सॉफ्टवेयर) इनस्टॉल हो जाएगा | डाउनलोड किये फोल्डर में MithilaUni.ttf फॉण्ट भी है जिसे राईट-क्लिक करने पर इनस्टॉल आप्शन मिलेगा, इसे इनस्टॉल करने के बाद ही "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" पर टाइप कर सकेंगे | टाइप की गयी सामग्री को टेक्स्ट फाइल (txt) के रूप में save कर सकते हैं और जिनके कम्प्यूटर में "मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका" है उनको पढ़ने के लिए भेज सकते हैं |

जिनको मिथिलाक्षर नहीं आती वे भी इस अद्भुत सॉफ्टवेयर का आनन्द उठा सकते हैं जो माइक्रोसॉफ्ट या गूगल इनपुट टूल से भी बेहतर कार्य करता है, जबकि इसमें कोई शब्दकोष नहीं है | अक्षरों के आकार के अनुसार मात्राएँ स्वत: खिसक जाती हैं, और हलन्त लगाकर द्रुत टाइपिंग करते रहने पर सारे शुद्ध संयुक्ताक्षर स्वतः टपकते रहते हैं |

मिथिलाक्षर लेखपट्टिका में टाइपिंग हेतु कीबोर्ड सहायता

मिथिलाक्षर टङ्कण लेखपट्टिका का कीबोर्ड ले-आउट देवनागरी टाइपराइटर जैसा ही है, किन्तु कुछ बटनों में परिवर्तन अनिवार्य हो गया | जैसे कि दीर्घ ई एवं दीर्ग ऊ के लिए क्रमश: Z तथा z का प्रयोग करना पड़ा | रोमन वर्णमाला के अन्य सभी वर्णों के लिए बिलकुल देवनागरी टाइपराइटर जैसा ले-आउट है | किन्तु अन्य कुछ बटनों में निम्न परिवर्तन किया गया है :-

मिथिलाक्षर में आधा वर्ण नहीं होता है, अतः देवनागरी कीबोअर्द में जहां आधा वर्ण है वहां पूर्ण वर्ण पर हलन्त दिया गया है | देवनागरी कीबोअर्द के कुछ बटनों में आधे वर्ण पर ही लकीर डालकर पूर्ण वर्ण बनाया जाता है जो मिथिलाक्षर में नहीं होता, अतः मिथिलाक्षर में ऐसे हलन्त वाले वर्णों में हलंत हटाने से पूर्ण वर्ण मिल जाएगा, जैसे कि श, ष, आदि |

चार बटन ऐसे हैं जिनमें रोमन कीबोर्ड वाले चिह्न भी टपक पड़ेंगे | इसका कारण है SMP प्लेन में मिथिलाक्षर की मान्यता के कारण माइक्रोसॉफ्ट के प्रोग्रामों में तालमेल का अभाव | इसे लेखपट्टिका में सॉफ्टवेयर कोड द्वारा हटाया गया है, अतः इन अनावश्यक चिह्नों को अनदेखा करके टाइपिंग करते रहेंगे तो वे लुप्त हो जायेंगे, ये बटन हैं
~ > / +

अंकों वाले बटनों के ऊपरी केस के चिह्नों में देवनागरी कीबोर्ड से अंतर है, उनमें ऐसे चिह्न हैं जिनके लिए कीबोर्ड पर बटन आवश्यक था | उनको टाइप करके देख लें |

इसके पश्चात भी कई अनिवार्य चिह्न बच गए जिनके लिए कीबोर्ड में बटन नहीं बचे | इनके लिए विशेष उपाय करने पड़े जो निम्न हैं :-

ऐ = ए + ऐकार ( S बटन)
ओ = अ + ओकार (] बटन)
औ = आ + ऐकार (S बटन)
ल्रि = ल + ऋकार (` बटन)
ल्री = ल + दीर्घ ऋकार (@ बटन)

पंक्चुएशन चिह्नों के लिए विशेष शॉर्टकट बनाने पड़े, निम्न चिह्नों के लिए दोबार हलन्त ("\" बटन) दबाकर रोमन कीबोर्ड का वही बटन दबा दें, जैसे कि मिथिलाक्षर में कौमा चाहते हैं तो दोबार हलन्त दबाकर रोमन कीबोर्ड का कौमा बटन (",") दबा दें | इसी तरह निम्न चिह्न मिलेंगे :-
, ; - = ( ) / ! " '

( लेखपट्ट के अगले वर्शन में इसी विधि से अनेक गणितीय एवं अन्यान्य चिह्न जोड़े जायेंगे |)

किसी भी वेबसाइट पर मिथिलाक्षर में HTML द्वारा टाइपिंग

(किन्तु इसके लिए उस वेबसाइट पर HTML कोड की अनुमति रहनी चाहिए | जिस किसी वेबसाइट पर HTML कोड की अनुमति रहती है उसपर आप मनचाहा कार्य कर सकते हैं | इस अनुच्छेद का सम्पूर्ण टेक्स्ट HTML द्वारा बनाया गया है, मिथिलाक्षर भी और देवनागरी आदि भी :—)

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